आख़िर क्यूँ..

कितनी दफा हम पूछते हैं न..... आख़िर क्यूँ..???   कुछ बातों का कोई कारण नही होता कोई अर्थ नहीं होता कोई तर्क नहीं होता आप स्वीकारें न स्वीकारें.... कोई फर्क नही होता....!!!   कुछ सवालों का कोई जवाब नही होता कोई शुरुआत नही होती कोई अंत नहीं होता आप कितना ही पूछें... कोई हल नहीं … Continue reading आख़िर क्यूँ..