जितना जाना जिंदगी को

जितना जाना जिंदगी को, बस इतना ही जाना है जाना...... कुछ भी नहीं है जानने को, बस वो पाया जिसने जो माना.... सारे पोथे, सारी बातें, मन को बहलाने का खेला.... जिसका मन बहले है जिस से, वो समझे उसने वो जाना...... बातों से ही तो बनी है दुनिया, बातें तेरी मेरी और सबकी....... बातों … Continue reading जितना जाना जिंदगी को

एक मोहब्बत बेनाम

क्यूँ मसरूफ रहें हर वक्त, चंद लम्हें फुर्सत के भी बिताएं जाएँ | क्यूँ हर रिश्ते का नाम हो, एक मोहब्बत बेनाम भी निभाई जाये || तेरा नाम न आ जाये जुबान पे, ये कहानी दिल में ही छुपाई जाये | खुली आँखों से देखें हैं ख्वाब तेरे, एक रात जग के भी बितायी जाये … Continue reading एक मोहब्बत बेनाम

सोचा नहीं कभी हमने

सोचा नहीं कभी हमने, क्यूँ दिल तुमबिन परेशां है | क्यूँ सांसे उखड़ी उखड़ी हैं, आँखें क्यूँ हैरान हैं || सोचा नहीं कभी हमने, क्या रिश्ता ये अनजाना सा | क्या डोर बांधें है हमको, क्यूँ लगता सब अफसाना सा || सोचा नहीं कभी हमने, क्या होगा जब तुम जाओगे | खुद को ही खो … Continue reading सोचा नहीं कभी हमने

हत्थां ते लिखा नहीं मिटदा…..

हत्थां दा लिख्या लक्ख मिटाए कोई, हत्थां ते लिख्या नहीं मिटदा….. लक्ख करें जतन तू जट्टा, किस्मत दा लिख्या नहीं मुकदा…. लोकी पराये हो गए, ते हुए अपने बेगाने… किस्मत दा ए रोला सारा, ऎंवे कोई नहीं बदलदा…. हत्थां ते लिख्या नहीं मिटदा….. किस्मत दा लिख्या नहीं मुकदा…. - गौरव संगतानी

खुशबु तेरी

भीनी भीनी सी खुशबु तेरी, महका महका सा एहसास है... | एक अरसा हुआ तुझको देखे हुए... पर तू हर लम्हा मेरे पास है.... || - गौरव संगतानी

जिंदगी यूँ चली

जिंदगी यूँ चली, होके खुद से खफ़ा | पाके भी खो दिया, हमने सब हर दफ़ा || कोई साथी नहीं, कोई संग ना चला | दर्द की रह में, हँसी हुई बेवफा || - गौरव संगतानी

कैसे कह दूं….!!!

कैसे कह दूं कि तेरी याद नही आती है, मेरी हर सांस मे बस तू ही महकाती है. आज भी रातों को जब चौंक के उठता हूँ, बस तू ही नही, हर शह तो नज़र आती है..! - गौरव संगतानी 

आख़िर क्यूँ..

कितनी दफा हम पूछते हैं न..... आख़िर क्यूँ..???   कुछ बातों का कोई कारण नही होता कोई अर्थ नहीं होता कोई तर्क नहीं होता आप स्वीकारें न स्वीकारें.... कोई फर्क नही होता....!!!   कुछ सवालों का कोई जवाब नही होता कोई शुरुआत नही होती कोई अंत नहीं होता आप कितना ही पूछें... कोई हल नहीं … Continue reading आख़िर क्यूँ..