कुछ प्यारे एस. एम. एस (लघु संदेश सेवा)

गीले काग़ज़ क़ी तरह है ज़िंदगी अपनी,
कोई जलाता भी नहीं और कोई बुझाता भी नहीं |
इस कदर अकेले हो गये हैं आज कल,
कोई सताता भी नहीं और कोई मनाता भी नहीं ||
___________________________________
आँखो मे महफूज़ रखना सितारों को,
राह मे कहीं ना कहीं रात होगी |
मुसाफिर तुम भी हो, मुसाफिर हम ही हैं,
किसी ना किसी मोड़ पर फिर मुलाकात होगी ||
________________________________
पलकों के किनारे भिगोए ही नहीं,
वो सोचते हैं कि हम रोए ही नहीं |
वो पूछते हैं ख्वाबों मे किसे देखते हो,
और एक हम हैं कि एक उम्र से सोए ही नहीं ||
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दिल जीत ले वो जिगर हम भी रखते हैं,
कत्ल कर दे वो नज़र हम भी रखते हैं |
वादा किया है किसी को मुस्कराने का,
वरना आँखों मे समंदर हम भी रहते हैं ||
_________________________________
परिंदों को मिलेंगी मंज़िलें,
ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं |
वही लोग रहते हैं खामोश अक्सर,
ज़माने मे जिनके हुनर बोलते हैं ||

8 Comments

  1. एस एम एस में तो सभी शायरों के शेर उठा उठा कर भेजे जा रहे हैं. आपने अच्छा कार्य किया है उनको कलेक्ट करने का. लगे रहिये.

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  2. Deepak says:

    Never ever reject any girls in your life..!
    Because,
    A good girls gives you happiness.
    and
    Bad girls gives you experience!

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  3. Deepak says:

    आदत और अदा में क्या फर्क है?

    “रोड के नल से पानी पीना

    गरीब पीये तो आदत,

    अमीर पिये तो अदा,

    अब एस एम एस को ले लो,

    आप भेजो तो अदा

    मैं भेजूं तो आदत

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  4. durgesh jadoun says:

    zindagi zakhmo se bhari hai, tum waqt ko marham bananatum sirf maut ke saamne, filhaal zindagi se jeetna seekh lo…….

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  5. narsi says:

    आदत और अदा में क्या फर्क है?

    “रोड के नल से पानी पीना

    गरीब पीये तो आदत,

    अमीर पिये तो अदा,

    अब एस एम एस को ले लो,

    आप भेजो तो अदा

    मैं भेजूं तो आदत

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  6. Rohit says:

    (1). आप पे कुर्बान हमारी यारी है,
    हँस के मर जाने की तैयारी है,
    ये सिलसिला ना खतम हो हमारी दोस्ती का,
    हम तो याद कर लिए अब आपकी बारी है.
    (2). कदम कदम पर वफा के उजाले और भी थे,
    मोहब्बत के हजार हवाले और भी थे,
    हमे तो आपकी बातें पसदं आई,
    वर्ना इस शहर में दिल तोड़ने वाले और भी थे.

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  7. शुभम says:

    एस एम एस अच्छे थे

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  8. दर्द होती है मगर शिकवा नही करते।वो कहती है हम वफा नही करते। आखिर क्यो नही बदलता तकदीर दिवानो कि क्या। हमे चाहने वाले मेरे लिए दुआ नही करते॥

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