Category: Poetry

जितना जाना जिंदगी को 0

जितना जाना जिंदगी को

जितना जाना जिंदगी को, बस इतना ही जाना है जाना……                                                 कुछ भी नहीं है जानने को, बस वो पाया जिसने जो माना….   सारे पोथे, सारी बातें, मन को बहलाने का खेला…. जिसका...

एक मोहब्बत बेनाम 6

एक मोहब्बत बेनाम

क्यूँ मसरूफ रहें हर वक्त, चंद लम्हें फुर्सत के भी बिताएं जाएँ | क्यूँ हर रिश्ते का नाम हो, एक मोहब्बत बेनाम भी निभाई जाये || तेरा नाम न आ जाये जुबान पे, ये...

सोचा नहीं कभी हमने 1

सोचा नहीं कभी हमने

सोचा नहीं कभी हमने, क्यूँ दिल तुमबिन परेशां है | क्यूँ सांसे उखड़ी उखड़ी हैं, आँखें क्यूँ हैरान हैं || सोचा नहीं कभी हमने, क्या रिश्ता ये अनजाना सा | क्या डोर बांधें है...

हत्थां ते लिखा नहीं मिटदा….. 4

हत्थां ते लिखा नहीं मिटदा…..

हत्थां दा लिख्या लक्ख मिटाए कोई, हत्थां ते लिख्या नहीं मिटदा….. लक्ख करें जतन तू जट्टा, किस्मत दा लिख्या नहीं मुकदा…. लोकी पराये हो गए, ते हुए अपने बेगाने… किस्मत दा ए रोला सारा,...

जिंदगी की दास्ताँ 2

जिंदगी की दास्ताँ

खुद में उलझ के रह गयी, ये जिंदगी की दास्ताँ.. कोई ओर नहीं कोई छोर नहीं, न संग कोई कारवां…. – गौरव संगतानी

आज बिछडे हैं….. गुलज़ार 5

आज बिछडे हैं….. गुलज़ार

कच्ची मिट्टी है, दिल भी इंसा भी
देखने ही में सख्त लगता है
आंसू पोंछे तो आंसुओं के निशां
खुश्क़ होने मे वक़्त लगता है

खुशबु तेरी 5

खुशबु तेरी

भीनी भीनी सी खुशबु तेरी, महका महका सा एहसास है… | एक अरसा हुआ तुझको देखे हुए… पर तू हर लम्हा मेरे पास है…. || – गौरव संगतानी

जिंदगी यूँ चली 4

जिंदगी यूँ चली

जिंदगी यूँ चली, होके खुद से खफ़ा | पाके भी खो दिया, हमने सब हर दफ़ा || कोई साथी नहीं, कोई संग ना चला | दर्द की रह में, हँसी हुई बेवफा || –...

कैसे कह दूं….!!! 7

कैसे कह दूं….!!!

कैसे कह दूं कि तेरी याद नही आती है, मेरी हर सांस मे बस तू ही महकाती है. आज भी रातों को जब चौंक के उठता हूँ, बस तू ही नही, हर शह तो...