जिंदगी हर पल बस यही सिखाती है,
चलने का नाम ही जिंदगानी है |
जो थम गया तो मिट गया,
दरिया सिर्फ बहता पानी है ||

– गौरव संगतानी

 

One Response to जिंदगानी

  1. सही है. लिखते रहें.

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