कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं,
तुम कह देना कोई खास नही…….

 

एक दोस्त है कच्चा पक्का सा,
एक झूठ है आधा सच्चा सा…..
जज़्बाद को ढकके एक परदा बस,
एक बहाना अच्छा सा…..
जीवन का ऐसा साथी है,
जो दूर ना होके पास नही…….

कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं, 
तुम कह देना कोई खास नही…….

– अज्ञात  

 

 

8 Responses to कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं….

  1. abrar says:

    बहुत अच्छा। लिखते रहिए।

  2. mehhekk says:

    kya kahu,bahut hi sundar rachana hai kachha pakka aadha saccha khubsurat alfaz

  3. कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं,
    तुम कह देना कोई खास नही…….

    वाह…

    ***राजीव रंजन प्रसाद

  4. […] August 17, 2008 by Gaurav Sangtani आइए सुने एक नज़्म जो ना जाने किसने लिखी है… पर बहुत कुछ कहती है.. […]

  5. sorry for it but i think this is not ur
    check out this link
    http://forum.santabanta.com/archive/index.htm?t-107305.html

  6. ofcourse neeraj… this is not my poem… thats wat – अज्ञात at the end of post signifies.. which means author unknown to me… same has been again confirmed by me in comment:
    आइए सुने एक नज़्म जो ना जाने किसने लिखी है… पर बहुत कुछ कहती है

    So I never claimed this to be mine….. hope you will consider full post in future before raising any objection..

    Kind Regards

  7. Ram K says:

    Simply mind Blowing…

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