ख़बरों का क्या है, रोज़ बदलती हैं । आज राम रहीम तो कल केजरीवाल, आज भ्रष्टाचार तो कल नोट बंदी।ख़बर ही तो है आएगी और चली जाएगी।इसी तरह एक ख़बर जो सुर्ख़ियो में है वो है दिल्ली का वायु प्रदूषण, दिल्ली के डेढ़ करोड़ लोगों के अलावा बाक़ी लोगों के लिए ये एक ख़बर ही है।और इन डेढ़ करोड़ लोगों के लिए भी ‘प्रदूषण से दुनिया एक दिन ख़त्म हो जाएगी’ ये एक ख़बर ही थी कुछ दिन पहले तक, पर आज एक कड़वी वास्तविकता है, जीवन का प्रश्न। पर अधिकतर लोगों को इंतज़ार है हवा के रूख बदलने का, फ़सल जलाने के रोकने का या बारिश का, जल्दी से इस बार निपटे, फिर का फिर देखेंगे।

क्या यही टालमटाल और सच से मुँह छुपाने का नतीजा ही ये ज़हरीली हवा नहीं है? कब तक भागेंगे हम इस सब से, सत्य यही है कि हम सभी उसी सफ़र पे है, आज दिल्ली, कल बैंगलोर, परसों मुंबई ।

पर आम आदमी (केजरीवाल नहीं, असली आम आदमी) क्या करे, दो रोज़ की रोटी कमाए या ये पर्यावरण देखे, ये सब तो हमने सरकार को ठेके पे दिया है। इसीलिए तो हम वोट देते हैं ना (जो वोट नहीं देते तो फ़ेस्बुक पोस्ट करते हैं ), पर सरकार भी क्या करे, राज्य सरकार को केंद्र सरकार फ़ंड नहीं देती और केंद्र सरकार के पास कार्यान्वित करने का अधिकार नहीं है । राष्ट्रीय पर्यावरण बोर्ड केवल निर्देश दे सकता है और राज्य पर्यावरण बोर्ड कुछ कर नहीं सकते।

EEA493EF-CF2B-4198-A427-CF2FBF5BA451कुछ शोर्ट्कट हैं बाज़ार में, एक एयर प्यूरिफ़ायर ले आइए, आपका घर साफ़।

नहीं जानते ये एयर प्यूरिफ़ायर क्या होता है? तो चलिए हम बतातेहैं, जैसे आप घर में एसी लगाते हैं ना जो घर की गरमी बाहर फेंक देता है, आपका घर ठंडा और बाहर की गरमी थोड़ी और ज़्यादा या आर ओ को ले लीजिए, आपका पानी साफ़ और उसका दस गुना गंदा पानी बाहर। अरे ये तो देसी इलाज है आपके सब्ज़ी के छिलके गली की नाली में। यही है एयर प्यूरिफ़ायर, आप के घर की हवा साफ़ और उसका सारा प्रदूषण इकट्ठा कर देगा जो बाद में डाल दीजिए बाहर ।आप भी लगाइए और कम से कम अपना घर तो साफ़ बनाइए।

चलिए ख़बरों का क्या है, रोज़ बदलतीं हैं ।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *